Zubeen Garg ki maut kaise hui? Zubeen ne khub sharab pi rakhi thi? Singapore court me kya hua?

किसने कहा कि जुबीन गर्ग नशे में थे? किसने कहा कि लाइफ जैकेट पहनने पर जुबीन गर्ग ने किसी की एक न सुनी? तो क्या साजिश के तहत नहीं हुई थी जुबीन गर्ग की मौत? तो क्या अपनी ही लापरवाही से हो गई थी जुबीन गर्ग की मौत? तो फिर असम पुलिस के उस दावे का क्या कि जुबीन गर्ग को एक साजिश के तहत मारा गया? इन सभी सवालों के जवाब आपको इस वीडियो में मिलेंगे, बस अंत तक बने रहें।
सिंगापुर के कानून के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु अचानक, असामान्य या बिना किसी स्पष्ट कारण के होती है, तो 'कोरोनर अदालत' को जांच करना अनिवार्य होता है। तो सिंगापुर की कोरोनर अदालत में जुबीन गर्ग के केस को लेकर सिंगापुर पुलिस तटरक्षक बल के (ASP) डेविड लिम ने अदालत में सबसे पहले गवाही दी। उन्होंने बताया कि जुबीन गर्ग बहुत अधिक नशे में थे (उनके खून में शराब की मात्रा 333mg थी) जो कानूनी सीमा से चार गुना अधिक थी। और उन्होंने लाइफ जैकेट पहनने से मना कर दिया था।

उनके बाद 'क्रेजी मंकी' (Crazy Monkey) नामक यॉट के कप्तान ने गवाही दी कि उन्होंने सभी को सुरक्षा ब्रीफिंग दी थी। उन्होंने देखा कि जुबीन गर्ग नशे में थे और जुबीन गर्ग ने पहले लाइफ जैकेट पहनी थी, लेकिन बाद में उसे उतार दिया और दूसरी जैकेट पहनने से भी इनकार कर दिया। बिना लाइफ जैकेट के दूसरी बार पानी में उतरने पर उन्होंने जुबीन के दोस्तों को चेतावनी भी दी थी।

यॉट पर मौजूद जुबीन के दोस्तों और सहकर्मियों ने भी बयान दिया कि, उन्होंने जुबीन को शराब पीते देखा था और उन्हें पानी से बाहर आने के लिए कहा था। गवाहों ने बताया कि जुबीन को पानी में तैरते हुए देखा गया, लेकिन कुछ समय बाद वह शिथिल पड़ गए और उनका चेहरा पानी में डूब गया। उन्हें तुरंत यॉट पर वापस लाया गया और सीपीआर (CPR) दिया गया, लेकिन अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने भी गवाही दी। उन्होंने कहा कि मौत का कारण डूबना था और शरीर पर मिली चोटें केवल उनको बचाने के प्रयासों यानी कि सीपीआर के दौरान लगी थीं।

आपको बता दें कि इस अदालती कार्यवाही के दौरान जुबीन गर्ग के परिवार की ओर से चाचा (मनोज कुमार बोरठाकुर) और उनके भतीजे व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित थे। जुबीन की पत्नी, गरिमा गर्ग, इस सुनवाई में शामिल नहीं हो पाई थीं, लेकिन उन्होंने लिखित रूप में अपनी शंकाएं और सवाल कोर्ट के सामने रखे थे।

जहां सिंगापुर पुलिस इसे एक हादसा मान रही है, वहीं इधर असम पुलिस की जांच इसे एक सोची-समझी साजिश और हत्या के रूप में देख रही है। इसके अलावा असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने असम विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान आधिकारिक तौर पर कहा था कि जुबीन गर्ग की मृत्यु कोई हादसा नहीं, बल्कि एक "स्पष्ट हत्या" थी।

अब जनता, फैंस, हर कोई कंफ्यूज है कि इस मामले में असल में हुआ क्या था? कैसे हुई थी जुबीन गर्ग की मौत? हालांकि इन सब के बीच सच्चाई यही है कि जुबीन गर्ग की मौत के 4 महीने बाद भी उनको इंसाफ नहीं मिला है। आपको क्या लगता है क्या जुबीन गर्ग को इंसाफ मिलेगा? या फिर सुशांत सिंह राजपूत केस जैसा होगा?
Previous Post Next Post