सनी देओल की 'बॉर्डर 2' का इंतज़ार सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि सरहद पार पाकिस्तान में भी बहुत ज्यादा है। लोग सोशल मीडिया पर लगातार पूछ रहे हैं कि क्या यह फिल्म वहां रिलीज होगी? हाल ही में एक सोशल मीडिया चैट के दौरान एक पाकिस्तानी फैन ने वरुण धवन से एक ऐसा सवाल पूछ लिया, जिसने सबको हैरान कर दिया। आज के वीडियो में हम जानेंगे कि वरुण धवन ने इस पर क्या 'गोल-मोल' जवाब दिया और क्या वाकई यह फिल्म पाकिस्तान में रिलीज हो पाएगी?
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक चैट सेशन के दौरान एक पाकिस्तानी फैन ने लिखा— "भाई, आपकी 'बॉर्डर 2' पाकिस्तान में कब रिलीज होगी? मैं तारा सिंह (सनी देओल) का बहुत बड़ा फैन हूँ, उन्हें मेरा सलाम कहना।" अब वरुण धवन के लिए यह सवाल काफी पेचीदा था। उन्होंने सीधे 'हाँ' या 'ना' तो नहीं कहा, लेकिन बहुत ही सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। वरुण ने कहा— "बॉर्डर 2 साल 1971 की लड़ाई पर आधारित है और इसमें उस दौर की कई सच्ची घटनाएं दिखाई गई हैं। मुझे पूरा यकीन है कि सनी देओल सर के चाहने वाले पाकिस्तान में भी बहुत हैं।" वरुण के इस जवाब ने न तो उम्मीद तोड़ी और न ही कोई वादा किया, लेकिन सच्चाई क्या है? चलिए जानते हैं वो 3 कारण कि फिल्म वहां रिलीज क्यों नहीं होगी।
[फिल्मों पर लगा स्थायी बैन]
सबसे पहली वजह है साल 2019 का इतिहास। पुलवामा हमले और बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने भारतीय फिल्मों पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी थी। 'गली बॉय' और 'मणिकर्णिका' के बाद से वहां कोई भी बॉलीवुड फिल्म कानूनी तौर पर रिलीज नहीं हुई है।
[1971 की कहानी और कड़वी यादें]
दूसरी और सबसे बड़ी वजह है फिल्म का विषय। 'बॉर्डर 2' उस 1971 के युद्ध की कहानी है जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी थी और जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश एक स्वतंत्र राष्ट्र बना था। पाकिस्तान कभी नहीं चाहेगा कि उनकी हार और सरेंडर का इतिहास वहां के बड़े पर्दे पर दिखाया जाए। वे इसे 'प्रोपेगेंडा' बताकर तुरंत बैन कर देंगे।
[मौजूदा तनाव और पायरेसी]
तीसरी वजह है दोनों देशों के बीच मौजूदा तनावपूर्ण रिश्ते। जब तक सीमा पर अमन-चैन नहीं होता, फिल्मों का आदान-प्रदान मुमकिन नहीं दिखता। ऐसे में पाकिस्तान के फैंस को यह फिल्म भी 'धुरंधर' की तरह पायरेसी के जरिए ही देखनी पड़ेगी।
सच तो यही है कि कला की कोई सीमा नहीं होती, लेकिन जब बात इतिहास और युद्ध की हो, तो राजनीति और कूटनीति बीच में आ ही जाती है। हमारा मानना है कि अगर पाकिस्तान को बॉलीवुड की शानदार फिल्में देखनी हैं, तो उन्हें पहले दोस्ती और शांति की ओर कदम बढ़ाना चाहिए।
आपका इस बारे में क्या सोचना है? क्या पाकिस्तान को भारतीय फिल्मों से बैन हटा लेना चाहिए? कमेंट में अपनी राय जरूर लिखें! जय हिंद!
